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Jab Gujra Jamana Yaad ata hai
जब कभी गुजरा जमाना याद आता है, बना मिटटी का अपना घर पुराना याद आता है। वो पापा से चवन्नी रोज मिलती जेब खरचे को, वो अम्मा से मिला एक आध-आना याद आता है। वो छोटे भाई का लडना,वो जीजी से मिली झिङकी, शाम को फिर भूल जाना याद आता है। वो घर के सामने की अधखुली खिङकी अभी भी है, वहाँ पर छिप कर किसी का मुस्कुराना याद आता है। वो उसका रोज मिलना,न मिलना फिर कभी कहना जरा सी बात पर हँसना हँसाना याद आता जिन्दगी ये किस मोड पे ले आयी है, ना मा, बाप, बहन, ना यहा कोई भाई है. हर लडकी का है Boy Friend, हर लडके ने Girl Friend पायी है, चंद दिनो के है ये रिश्ते, फिर वही रुसवायी है.
घर जाना Home Sickness कहलाता है, पर Girl Friend से मिलने को टाईम रोज मिल जाता है. दो दिन से नही पुछा मां की तबीयत का हाल, Girl Friend से पल-पल की खबर पायी है, जिन्दगी ये किस मोड पे ले आयी है.....
कभी खुली हवा मे घुमते थे, अब AC की आदत लगायी है. धुप हमसे सहन नही होती, हर कोई देता यही दुहाई है.
मेहनत के काम हम करते नही, इसीलिये Gym जाने की नौबत आयी है. McDonalds, PizaaHut जाने लगे, दाल-रोटी तो मुश्कील से खायी है. जिन्दगी ये किस,,,,,,,,,,,,,,,,,
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